वो ऐसी दिखती है.

वो ऐसी दिखती है
मानो एक ख्वाब हो
वो हिंदी का प्रणाम सी
मानो उर्दू का आदाब हो
वो बनी किसी और माटी की
मानो सबसे लाजवाब हो
आँखों में उसकी कहानियाँ बहुत
मानो एक किताब हो
वो दर्द है पर मीठा सा एक
मानो कोई वो दोआब हो
उसकी खुशबू ऐसी है
जैसे फूलों में गुलाब हो
उसकी बातें ऐसी मोहिनी
जैसे की मुफट्ट जवाब हो
वो रौशनी से भरी किरण
जैसे कोई आफताब हो
उसकी बाते सवालों से भरी है
हम जैसे उनका जवाब हो
उसकी बातें पूरी आशिकाना
मानो वो किसी का इश्क़ बेहिसाब हो



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