फूल पत्ती

 



फूल पत्ती और ,

हथेलियों मे प्रेम 

मुट्ठी बंद की तो प्रेम मेरा 

मुट्ठी खोली तो प्रेम ईश्वर का 

-सेमवाल जी नवोदय  वाले  

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